शम्भू Shambhu Lyrics in Hindi – Sachet Tandon & Parampara Tandon,Mixtape Bhakti (2025)

Shambhu Lyrics in Hindi sung by Sachet Tandon & Parampara Tandon from T-Series Mixtape Bhakti (2025). This beautiful Bhakti Song is written and composed by Sachet-Parampara . Music composed by Sam CS.

Shambhu Song Details

📌 Song Title Shambhu
🎞️Album T-Series Mixtape Bhakti (2025)
🎤Singer Sachet Tandon & Parampara Tandon
✍️Lyrics Sachet-Parampara
🎼 Music Sam CS
🏷️Music Label T-Series
▶ See the music video of Shambhu Song on T-Series YouTube channel for your reference and song details.

शम्भू Lyrics In Hindi

शम्भू
आरंभ से लेके अंत तक
और अंत से अनंत तक
बस एक नाम पृथ्वी पर गूंजे
महाकाल का
हर हर त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्

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हे डमरू के धुन पे नाचते कैलाशी
शम्भू
सर्पों का हार और चंद्रमा भी पास है
भक्तों का दुःख हरते
शम्भू
जटा में गंगा भरे
शम्भू

काल हरा, दुःख हरा
दानी धरा, कष्ट हरा
रोग हरे

हर हर त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्

आरंभ से लेके अंत तक
और अंत से अनंत तक
बस एक नाम पृथ्वी पर गूंजे
महाकाल का

हर हर त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्

लोगों का कष्ट हरना
बोले तो साथ रहना
तेरा ही साया मेरे
दुखों का इलाज है ना
कैलाश का तू वाशी
शक्ति का रास है ना

काल भी डरे जब
मैंने नाम तेरा लिया
जटा में बहें गंगा
तेरी शीतल सी हवा

भस्म से तू लिपटा है शंभू
शंभू
अग्नि से तेजस तू
शंभू
शिव तांडव करे धरती हिल जाए
भोले आये दुःख सारे मिट जाये
शिव तांडव करे धरती हिल जाए
भोले आये दुःख सारे मिट जाये

काल हरा, दुख हरा
दानी धरा, कष्ट हरा
राम हरे

हर हर त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्

त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्

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